नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले का अपहरण करके रकम वसूलने की कोशिश करने वाले गिरफ्तार

पंचायत जागरण
अपराध संवाद
लखनऊ । बेरोजगारी के दौर में किसी युवा को नौकरी का झांसा देकर ठगी कर लेना कोई नई बात नहीं और फिर उसे ठगी की रकम को वापस लेना भी कानूनी रूप से उतना ही कठिन है जितना नौकरी पाना इसी बात को चरितार्थ करते हुए नगर निगम और एफसीआई में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
करने वाले का पीड़ितों ने अपहरण कर लिया। जिसके बाद लखीमपुर ले जाकर गन्ने के खेत में बंधक बना जमकर पीटा और उसकी पत्नी को फोन कर ठगे गए बीस लाख रुपए वापस मांगे। पुलिस ने पत्नी की शिकायत पर सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से अपहरण में शामिल पांचों लोगों को गिरफ्तार घर घटना का खुलासा किया।
डीसीपी दक्षिणी विनीत कुमार जायसवाल ने बताया कि अलखनंदा अपार्टमेंट प्राइवेट नौकरी करने वाले प्रखर सेठ सात नवंबर को संदिग्ध हालात में लापता हो गए। उनकी पत्नी रिचा सेठ ने थाने पर आकर बताया कि प्रखर घर से किसी से मिलने की बात कह कर निकले थे, वापस घर लौटकर नहीं आए। उनका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ है। पुलिस अपने सूत्रों से तलाश कर रही थी । फिर उन्होंने थाने पर सूचना दी कि देर रात उनको एक युवक ने फोन पर प्रखर के अपहरण करने की बात कही है। साथ ही उनको छोड़ने के बदले बीस लाख की मांग की है। जिसकी जानकारी होते ही चार टीमें गठित कर प्रखर सेठ की तलाश शुरू कर दी गई। सर्विलांस और मुखबिर की मदद से चौबीस घंटे के अंदर अपहरण में शामिल लखीमपुर के रहने वाले पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार ओयल निवासी विकास बाबू, आमिर खान, मैलानी के विनोद कुमार, गुलजारनगर के शावान और सरईया ओयल निवासी जमशेद ने अपहरण करने की बात कबूल की है। उनका कहना है कि प्रखर ने उनसे नगर निगम और एफसीआई में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब बीस लाख रुपए ठग लिए थे। नौकरी न लगवाने पर कई बार तकादा करने के बाद भी पैसे न वापस करने पर यह कदम उठाया। आरोपियों के पास से एक लाइसेंसी पिस्टल, कारतूस, अपहरण में प्रयुक्त कार बरामद हुई है।
प्रखर की पत्नी रिचा ने बताया कि प्रखर के फोन से एक युवक ने फोन पर कहा कि तुम्हारे पति का अपहरण कर लिया है। उनको जिन्दा देखना चाहती हो तो बीस लाख का इंतजाम करो। साथ ही उन्होंने कहा कि तुम्हारे पति ने नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी से बीस लाख रुपए हड़प लिये हैं । जब तक ये बीस लाख नहीं देंगें तब तक तुम्हारे पति को नहीं छोड़ेंगे।
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