उगते सूरज को अर्घ्य देने के साथ महिलाओं का छठ संपन्न


पंचायत जागरण संवाद
सिद्धार्थनगर डुमरियागंज स्थित राप्ती नदी तट पर सोमवार को सुबह सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व छठ उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हो गया हजारों व्रतियों ने अपने परिवार के साथ छठ घाटों पर पहुंचकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। सोमवार को सुबह ही व्रती छठ घाटों पर पहुंच गए। उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई सुबह ठंड में छठव्रत धारियों का उत्साह देखते ही बना व्रत रखने वालों ने अपने परिवार के साथ पवित्र जल में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया इस दौरान “कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय, मारवो रे सुगवा धनुष फेक, सुग्गवा गिरय मुरझाय, पहिले पहिले छठी मैया, वरत कैलू तोहार जैसे मधुरिम लोकगीत सुनाई दिए। सूर्य भगवान को बांस के बने सूप में ठेकुआ, गन्ना, संतरा, सेव, केला, हल्दी, नारियल, पुआ, लडुआ जैसे प्रकृति प्रदत अनाजों को पूर्ण पवित्रता के साथ प्रसाद बांटने का सिलसिला शुरू हुआ लोगों को ठेकुआ और फल प्रसाद के रूप में बांटे जाने लगे इसी के साथ महापर्व का समापन भी हो गया। इस दौरान पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने भी नगरवासियों के साथ उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। और लोक कल्याण की कामना की। उन्होंने बताया कि सनातन संस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण, सूर्य आराधना की महापर्व छठ पूजा के पावन अवसर पर राप्ती नदी तट पर शामिल होकर क्षेत्र के सुख, शांति एवं समृद्धि हेतु कामना करता हूं यह एक ऐसा पर्व है जिसमें महिलाएं अपने परिवार के लिए लगातार 36 घंटे तक व्रत रहती है। और ईश्वर से अपने परिवार के स्वास्थ्य एवं समृद्धि के लिए कामना करती है। इस दौरान एसडीएम परमेंद्र कुमार,महबूब आलम,महेश प्रताप श्रीवास्तव,लवकुश ओझा, कमलेंद्र त्रिपाठी, आदि भारी संख्या में श्रद्धालु लोग मौजूद रहे
Panchayat Jagran